अभिषेक बनर्जी ने सुवेन्दु पर लगाया ‘विश्वासघात’ का आरोप, कहा बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज

अभिषेक बनर्जी ने सुवेन्दु पर लगाया ‘विश्वासघात’ का आरोप, कहा बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले नेताओं में ज़ुबानी जंग तेज़ होती जा रही है। तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। रविवार को टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल सुवेन्दु अधिकारी ने ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी को ‘तोलाबाज भाईपो’ यानी  लुटेरा और उगाही करने वाला नेता करार दिया।

इसके जवाब में डायमंड हार्बर की रैली में अभिषेक ने सुवेन्दु अधिकारी पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ हमले किए। अभिषेक बनर्जी ने सुवेन्दु को बिना लक्षण वाला कोविड मरीज़ करार दे दिया और कहा कि पार्टी ने ऐसे वायरस की पहचान कर ली है। उन्होंने कहा कि सुवेन्दु मुझे उगाही करने वाला बताते हैं, लेकिन सारदा चिट फंड घोटाले में वो स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े गए। वो खुद को बचाने के लिए बीजेपी में शामिल हो गए। वो गृहमंत्री  अमित शाह को अपना बड़ा भाई कहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में सिर्फ सुवेन्दु ही नहीं, कई और बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज़ थे, जिसकी पहचान पार्टी ने कर ली है। विश्वासघात करने वाले ऐसे वायरस से छुटकारा पाकर पार्टी अब खुश है। उन्होंने अधिकारी का नाम लिए बिना चुनौती दी कि यदि कोई साबित कर दे कि वो अवैध वसूली की किसी गतिविधि में शामिल थे, तो वो जनता की अदालत में कोई भी सजा भुगतने को तैयार हैं

इससे पहले बीजेपी में शामिल सुवेन्दु अधिकारी ने मिदनापुर की रैली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बंगाल की खोई हुई अस्मिता को वापस दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और बंगाल में बीजेपी का शासन होने से बंगाल को काफी फायदा होने वाला है। सुवेन्दु ने कहा कि टीएमसी अब निरंकुश पार्टी होती जा रही है और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बंगाल का विकास कर सकते हैं।

बंगाल की सत्ता नरेंद्र मोदी के हाथों सौंपने के बयान पर अभिषेक ने सुवेन्दु पर जमकर निशाना साधा। अभिषेक ने कहा कि जो शख्स अपने घर में कमल नहीं खिला सका, वो दूसरे लोगों से बीजेपी को वोट देने के लिए कह रहा है।

बता दें सुवेन्दु के पिता और कांथी से सांसद शिशिर अधिकारी और उनके छोटे भाई सौम्येन्दु अधिकारी अब भी टीएमसी के साथ हैं।

डायमंड हार्बर की रैली में अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस नेता अधीर चौधरी के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल में बीजेपी के पांव जमाने के लिए तृणमूल नेता ममता बनर्जी ज़िम्मेदार हैं। अभिषेक ने कहा कि तृणमूल वाजपेयी सरकार में तब शामिल हुई थी, जब भगवा हाथों में खून के छींटे नहीं लगे थे।

उधर, तृणमूल कांग्रेस में कुछ और विधायकों के पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगनी शुरू हो चुकी हैं। अभिषेक की रैली से रविवार को महेशताला, डायमंडल हार्बर और सतगाछी के विधायक गैरहाज़िर रहे। माना जा रहा है कि ये तीनों विधायक जल्द ही पाला बदल सकते हैं।

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