अदाकारी की दुनिया का नया सितारा, दिव्येंन्दु शर्मा

अदाकारी की दुनिया का नया सितारा, दिव्येंन्दु शर्मा

नेचुरल एक्टिंग, जबर्दस्त टाइमिंग और दमदार डायलॉग डिलीवरी। किरदार चाहे जैसा भी हो, वो अपनी पहचान छोड़ जाता है। वो किसी सुपरस्टार की नकल नहीं करता, जब भी कोई रोल करता है तो उसे जीवंत कर देते है। ये पहचान है उस कलाकार की जो पिछले कुछ महीनों में अपने अभिनय से देश के युवाओं का दिल जीतने में कामयाब रहा है। नाम से आप भले ही ना पहचान पाएं, लेकिन चेहरा देखते ही आप झटपट जान जाएंगे। नाम है दिव्येंन्दु शर्मा। ‘’मिर्जापुर’’ वेब सीरीज वाले ‘’मुन्ना भइया’’।

दिव्येंन्दु शर्मा ने अभिनय की दुनिया में अपना सफर शुरू किया था फिल्मों से। फिल्मों से पहचान तो मिली, लेकिन असली रुतबा हासिल हुआ वेब सीरीज से। ‘मिर्जापुर’ के दोनों सीजन में अपनी नेचुरल एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले ‘’मुन्ना भइया’’ की अगली वेब सीरीज आई “बिच्छु का खेल”। इस नई वेब सीरीज में भी दिव्येंन्दु ने बेमिसाल अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया।

दिव्येंन्दु शर्मा के फिल्मी करियर की शुरुआत माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘’आजा नच ले’’ से हुई थी। इस फिल्म में उनका किरदार बेहद छोटा था। इसके बाद आई ‘’प्यार का पंचनामा’’। फिल्म काफी कामयाब रही, दिव्येंन्दु की अदाकारी पसंद आई और दर्शकों ने उन्हें नोटिस किया। ‘’प्यार का पंचनामा’’ के बाद दिव्येंन्दु शर्मा ने चश्मे-बद्दुर, टॉयलेट एक प्रेम कथा, बत्ती गुल मीटर चालू जैसी कई फिल्में की। लेकिन इन फिल्मों से दिव्येंन्दु को वो ऊंचाई हासिल नहीं हो पाई, जिसके वो हकदार थे। जब वेब सीरीज ‘’मिर्ज़ापुर’’ आई तो दिव्येंन्दु के करियर को एक नया मुकाम मिला। उनका किरदार मुन्ना भइया इतना लोकप्रिय हो गया कि दर्शक ‘’मिर्ज़ापुर 2’’ का बेसब्री से इंतज़ार लगे और जब वेब सीरीज का ये दूसरा पार्ट आया तो एक बार फिर सबकी जुबान पर मुन्ना भइया का नाम था। इस सीरीज के अंतिम दृश्यों में मुन्ना भइया के किरदार को मरता हुआ दिखाया गया है। लेकिन उनके फैन्स को लगता है कि बिना मुन्ना भइया के ‘’मिर्ज़ापुर 3’’ अपनी छाप नहीं छोड़ पाएगा और कहानी में कुछ ऐसा ट्वीस्ट आएगा कि मुन्ना भइया अगली सीरीज में मनोरंजन करते दिखेंगे।

दिव्येंदु शर्मा दिल्ली के रहने वाले हैं। स्कूल के दिनों में पढ़ाई में वो बहुत अच्छे नहीं थे। इसलिए बारहवीं जब उन्हें 84 फीसदी नंबर आए तो उनके पिता को लगा कि बेटा नकली मार्क्स सीट लेकर आया है। दिव्येंदु ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से पढ़ाई की है। कॉलेज में उन्होंने थियेटर किया और यही से उन्हें एक्टिंग को करियर बनाने का भूत सवार हुआ। FTII और NSD में उन्हें दाखिला भी मिल गया। लेकिन मुंबई आने पर 3 साल तक उनको कोई काम नहीं मिला। खर्च चलाना मुश्किल था। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें काम मिलना शुरू हुआ और आज कामयाबी उनके कदम चूम रही है। 

पिछले कुछ सालों में राजकुमार शर्मा, पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकारों ने अपनी बिल्कुल अलग अंदाज वाली अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता है। दिव्येंन्दु शर्मा भी धीरे-धीरे उसी कतार में खड़े होते जा रहे हैं। अदाकारी में अपना एक अलग और ऊंचा मुकाम हासिल करते जा रहे हैं। अभी स्क्रिप्ट को देख कर दिव्येंन्दु को कास्ट किया जा रहा है। लेकिन वो दिन दूर नहीं जब दिव्येंन्दु को ध्यान में रख कर पटकथा लिखी जाएगी।

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