किसानों के मंच पर सियासी दलों को ‘नो एंट्री’, भारत बंद में 3 बजे तक चक्का जाम, दिल्ली में बंद रहेंगी मंडियां

किसानों के मंच पर सियासी दलों को ‘नो एंट्री’, भारत बंद में 3 बजे तक चक्का जाम, दिल्ली में बंद रहेंगी मंडियां

केंद्र सरकार के नए कृषि कानून के खिलाफ आज 8 दिसंबर को किसानों ने भारत बंद का एलान किया है। किसानों के इस बंद का छोटे-बड़े कुल 24 राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। लेकिन आंदोलनकारी किसानों ने इन सियासी पार्टियों से साफ-साफ कहा है कि किसान आंदोलन के मंच का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए नहीं किया जा सकता। इन दलों से प्रदर्शन के दौरान अपनी पार्टी का झंडा और बैनर ना लाने की अपील की गई है।

दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर सोमवाोर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेता डॉक्टर दर्शन पाल ने कहा है कि किसान देशभर में दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे। हालांकि बंद पूरे दिन रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में राजनीतिक दल के नेताओं को अपने मंच के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं देंगे।

बता दें किसानों के भारत बंद में ज़रुरी सेवाओं के लिए अनुमति होगी। किसान नेताओं की ओर ज़बरदस्ती भारत बंद लागू ना करने की भी अपील की गई है।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का चक्का जाम

किसानों के भारत बंद को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है। पंजाब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रमुख चरणजीत सिंह लोहारा ने कहा है कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के समर्थन में चक्का जाम करने का फैसला लिया है। साथ ही परिवहन संघ, ट्रक यूनियन, टेंपो यूनियन, सभी ने बंद को सफल बनाने के लिए बंद में शामिल होने का फैसला लिया है।

दिल्ली में आजादपुर समेत बंद रहेंगी सारी मंडियां

आज़ादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद ख़ान ने कहा है कि किसानों के भारत बंद के समर्थन में 8 दिसंबर को दिल्ली की आजादपुर मंडी समेत सारी मंडिया बंद रहेंगी। इन मंडियों में खरीद-बिक्री को कोई कामकाज नहीं होगा। आजादपुर मंडी में किसानों के भारत बंद के समर्थन में गेट पर बैनर लगाए गए हैं।

राज्यों को केंद्र सरकार की एडवाइजरी

किसानों के भारत बंद को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्यों से भारत बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। एडवाइजरी में कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ये सुनिश्चित करें कि बंद के दौरान कोविड-19 के ज़रूरी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।

बता दें पंजाब-हरियाणा सहित देश भर के किसान केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ पिछले 12 दिनों से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वो सरकार से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने किसानों को कुछ संसोधन का भरोसा दिया है। लेकिन किसान कृषि कानून को वापस लिए जाने से कुछ कम पर मानने को तैयार नहीं हैं।

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