कृषि कानून को लेकर आर-पार, विरोध में प्रकाश सिंह बादल और ढींढसा ने लौटाए पद्म सम्मान

कृषि कानून को लेकर आर-पार, विरोध में प्रकाश सिंह बादल और ढींढसा ने लौटाए पद्म सम्मान

केंद्र के नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज़ होता जा रहा है। किसान लगातार आठवें दिन सड़कों पर डटे हैं, वहीं कृषि कानून के विरोध में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल ने अपना पद्म विभूषण वापस लौटाने का एलान किया है। इनके अलावा और अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी अपना पद्म भूषण सम्मान लौटाने का एलान किया।

राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी

प्रकाश सिंह बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को तीन पन्नों की  चिट्ठी लिखकर कृषि कानून पर अपना विरोध जताया और किसानों पर पुलिस एक्शन की निंदा की। कृषि कानून को किसानों के साथ धोखा करार देते हुए बादल ने अपना पद्म विभूषण सम्मान लौटाने का एलान भी किया।

राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में प्रकाश सिंह बादल ने कहा- ‘किसानों के साथ हुए धोखा के विरोध में मैं सम्मान वापस लौटा रहा हूं। हजारों किसान दिल्ली में न्याय के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, जिसे देखकर किसी भी सरकार का कलेजा पसीज जाता, लेकिन दुर्भाग्यवश किसानों के दुख और दर्द के लिए यहां सरकार में कोई संवेदना नहीं दिख रही।‘ अपनी चिट्ठी में प्रकाश सिंह बादल ने आगे लिखा ‘ जिन किसानों की वजह से आज मैं जो कुछ हूं, अगर उन किसानों का अस्तित्व ही ख़तरे मे हैं, तो इस पद्म विभूषण सम्मान को रखने का क्या फायदा है। अपनी ज़िंदगी के इस पड़ाव पर मैं खुद को इतना गरीब महसूस कर रहा हूं कि किसानों को कुर्बान करने के लिए मेरे पास और कुछ नहीं है।‘

किसानों के समर्थन में अकाली दल नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी अपना पद्म भूषण लौटाने का एलान किया।

कृषि बिल पर अकाली दल का विरोध

बता दें अकाली लगातार केंद्र के कृषि कानून का विरोध कर रहा है। हाल ही में विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में किसानों के समर्थन में अकाली दल NDA से भी अलग हो गई।

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