सिडनी में विहारी और अश्विन का चट्टानी हौसला, भारत ने 41 साल बाद चौथी पारी में 131 ओवर खेलकर मैच कराया ड्रा

सिडनी में विहारी और अश्विन का चट्टानी हौसला, भारत ने 41 साल बाद चौथी पारी में 131 ओवर खेलकर मैच कराया ड्रा

सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया तीसरा टेस्ट मैच बिना हार-जीत के फैसले के खत्म हो गया। मैच के आखिरी दिन हनुमा विहारी और आर आश्विन ऑस्ट्रेलिया की जीत के आगे दीवार बनकर खड़े हो गए और आखिर तक आउट नहीं हुए। दोनों बल्लेबाज़ों ने छठे विकेट के लिए 256 गेंदों में नाबाद 62 रनों की पार्टनरशिप की। हैमस्ट्रिंग इंजरी से परेशान हनुमा विहारी ने 161 गेंदों में 23 रन बनाए। जबकि आर आश्विन ने 128 गेंदों में नाबाद 38 रनों की पारी खेली।

चौथी पारी में भारत को जीत के लिए 407 रनों की ज़रूरत थी। चौथे दिन रोहित शर्मा (52) और शुभमन गिल (31) के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया की जीत पक्की लग रही थी। पांचवें दिन का खेल शुरू होते ही जल्द ही कप्तान आजिंक्य रहाणे भी 4 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। रहाणे के आउट होने पर ऐसा लग रहा था मानों कंगारू शुरू के दो सेशन में ही जीत पक्की कर लेंगे। लेकिन चेतेश्वर पुजारा और विकेटकीपर बैट्समेन ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदो पर पानी फेर दिया। दोनों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए शानदार 148 रनों की साझेदारी की। पुजारा 205 गेंदों में 77 रन बनाकर हेजलवुट की गेंद पर बोल्ड हुए। वहीं दूसरी ओर पंत ने 118 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेली। पंत ने अपनी पारी में 12 चौके और 3 शानदार छक्के भी लगाए। भारत की ओर से रही सही कसर हनुमा विहारी और आर आश्विन ने पूरी कर दी। दोनों बल्लेबाज़ों ने 256 गेंदों में नाबाद 62 रनों की साझेदारी की और मैच को ड्रा करा दिया।

मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कप्तान आजिंक्य रहाणे ने कहा कि तीसरे टेस्ट में ड्रा जीत से कतई कम नहीं है। उन्होंने पंत की तूफानी बल्लेबाज़ी को मैच का टर्निंग प्वाइंट बताया।  

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। आखिरी टेस्ट मैच ब्रिसबेन के गाबा क्रिकेट गाउंड में 15 दिसंबर से खेला जाएगा।

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